डॉन 3 विवाद पर पूनम ढिल्लों का बड़ा खुलासा, रणवीर सिंह के पिता ने CINTAA का जताया आभार

Poonam Dhillon makes a major revelation regarding the 'Don 3' controversy; Ranveer Singh's father expresses gratitude to CINTAA.

नई दिल्ली: फिल्म डॉन 3 को लेकर अभिनेता रणवीर सिंह से जुड़ा विवाद भले ही अब समाप्त हो चुका हो, लेकिन हाल ही में CINTAA (सिने एंड टीवी आर्टिस्ट्स एसोसिएशन) की अध्यक्ष और वरिष्ठ अभिनेत्री पूनम ढिल्लों के बयान ने इस मामले को फिर सुर्खियों में ला दिया है। पूनम ने खुलासा किया कि विवाद के दौरान उनकी रणवीर सिंह के पिता जगजीत सिंह भवनानी से लगातार बातचीत होती रही थी और उन्होंने CINTAA के समर्थन के लिए उनका धन्यवाद भी किया था।

रणवीर के पिता से हुई लंबी बातचीत

एक इंटरव्यू में पूनम ढिल्लों ने बताया कि उन्होंने इस पूरे मामले को समझने के लिए रणवीर सिंह के पिता से विस्तार से बात की थी। उन्होंने कहा, “मैंने रणवीर के पिता से लंबी बातचीत की और हम व्हाट्सऐप पर भी संपर्क में रहे। उन्होंने हमारे समर्थन के लिए मुझे धन्यवाद दिया।”

पूनम के अनुसार, उनका उद्देश्य परिवार का पक्ष समझना और यह जानना था कि क्या CINTAA किसी तरह मदद कर सकता है।

FWICE के रवैये से नाराज था परिवार

पूनम ढिल्लों ने बताया कि जगजीत सिंह भवनानी FWICE (फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज) द्वारा मामले को संभालने के तरीके से खुश नहीं थे। उन्होंने कहा, “वे FWICE के रवैये से संतुष्ट नहीं थे। मैंने उनसे पूछा कि क्या CINTAA उनकी कोई मदद कर सकता है, लेकिन उन्होंने कहा कि हम आपको परेशान नहीं करना चाहते थे और हम खुद ही इस मामले को सुलझाने की प्रक्रिया में थे।”

फरहान अख्तर या एक्सेल एंटरटेनमेंट से नहीं था कोई विवाद

पूनम ढिल्लों ने यह भी स्पष्ट किया कि रणवीर सिंह के परिवार और डॉन 3 के निर्माता फरहान अख्तर या उनकी कंपनी Excel Entertainment के बीच किसी तरह की व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं थी।

उन्होंने बताया कि जगजीत सिंह भवनानी ने साफ कहा था कि परिवार पहले से ही निर्माताओं के संपर्क में था और दोनों पक्ष आपसी बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिश कर रहे थे।

कैसे शुरू हुआ था विवाद?

यह विवाद तब शुरू हुआ था जब खबरें सामने आईं कि रणवीर सिंह ने पहले सहमति देने के बाद डॉन 3 से खुद को अलग कर लिया। आरोप लगाया गया कि इस फैसले से निर्माताओं को आर्थिक नुकसान हुआ और फिल्म की योजनाएं प्रभावित हुईं।

इसके बाद निर्माताओं की शिकायत पर FWICE ने रणवीर सिंह के खिलाफ ‘नॉन-कोऑपरेशन’ (असहयोग) निर्देश जारी कर दिया था। इस कदम ने फिल्म इंडस्ट्री में बड़ी बहस छेड़ दी थी।

आखिर कैसे सुलझा मामला?

कई दौर की बातचीत और मध्यस्थता के बाद सभी पक्षों के बीच समझौता हो गया। CINTAA समेत फिल्म इंडस्ट्री की कई संस्थाओं ने विवाद खत्म कराने में अहम भूमिका निभाई।

पूनम ढिल्लों ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा, “एक कलाकार और CINTAA की अध्यक्ष होने के नाते मैं खुश हूं कि रणवीर के खिलाफ जारी निर्देश वापस ले लिया गया। वह निश्चित रूप से इसके हकदार नहीं थे।”

उन्होंने कहा कि विवाद का शांतिपूर्ण समाधान पूरे फिल्म उद्योग के लिए सकारात्मक कदम है।

इंडस्ट्री में समर्थन की अहमियत

पूनम ढिल्लों के इस बयान से यह भी साफ हुआ कि कठिन समय में फिल्म इंडस्ट्री की संस्थाएं कलाकारों के साथ खड़ी रहती हैं और संवाद के जरिए बड़े से बड़े विवाद का समाधान निकाला जा सकता है।

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